BPSC TRE-1 Higher Secondary Magahi — Question Paper with Answers
All 45 questions from this paper, with the correct answer marked. Free to read — no sign-up. Transcribed in English, Hindi and Urdu and verified against the official BPSC answer key.
- Q1
मगही कहाँ के भाषा हे?
- Aमिथिला
- Bअवध
- Cमगध
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Origin & Development of Magahi
Why this answer? Read the explanation → - Q2
राहुल सांकृत्यायन के सम्पादन में 'दोहा कोश' के परकासन कहाँ से भेल हल?
- Aहिन्दी साहित्य सम्मेलन
- Bबिहार राष्ट्रभाषा परिषद्
- Cबिहार मगही अकादमी
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · Origin & Development of Magahi
Why this answer? Read the explanation → - Q3
बिहार के कउन लोकभाषा संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल हे?
- Aमगही
- Bभोजपुरी
- Cमैथिली
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Origin & Development of Magahi
Why this answer? Read the explanation → - Q4
'ए० कम्प्रेटिव डिक्सनरी ऑफ बिहारी लेंग्वेज' के लेखक हथ
- Aजार्ज अब्राहम ग्रियर्सन
- Bफैलन
- Cए० जी० शिरेफ
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Origin & Development of Magahi
Why this answer? Read the explanation → - Q5
डॉ० सम्पत्ति अर्याणी के प्रसिद्ध पुस्तक हे
- Aमगही भाषा और साहित्य
- Bमगही गीत संग्रह
- Cमगही कहानी संग्रह
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Origin & Development of Magahi
Why this answer? Read the explanation → - Q6
मगही सबद के विकास होल हे
- Aमागही से
- Bमागधी से
- Cतमिल से
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · Origin & Development of Magahi
Why this answer? Read the explanation → - Q7
'मगही-भाषा और साहित्य' के लेखक हकऽ
- Aबाबूलाल मधुकर
- Bरामप्रसाद सिंह
- Cलक्ष्मण प्रसाद
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: E · Origin & Development of Magahi
Why this answer? Read the explanation → - Q8
गद्यांश–1 "मानव जीवन ला जरूरी हे पवित्तर विचार। खाली ग्यान, भक्ति आउ पूजा से मनुष्य के विकास नऽ हो सकऽ हे। पूजा, भक्ति आउ ज्ञान उच्च आउ श्रेष्ठ हे बाकी ऐकर बेवहार में भी परमान देवे पड़ऽ हे। जेकर विचार गंदा हे, ओकरा से सभे लोग घृणा करऽ हथ। जहाँ महौल गंदा हे उहाँ जाय से भी लोग हिचकऽ हे। शरीर गंदा रहला पर निरोगी काया कठिन हे ओइसे ही मन के पवित्तर न रहला पर सज्जन भाव, परेम आउ सद् बेवहार के भाव नऽ उठ सकऽ हे। आचार-विचार के अच्छाई आउ पवित्तर रहे से बेकती (व्यक्ति) के मान-इज्जत होवऽ हे।" केकरा से लोग घृणा करऽ हथ?
- Aजेकर विचार गंदा हे
- Bरोगी
- Cअज्ञानी
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q9
गद्यांश–1 "मानव जीवन ला जरूरी हे पवित्तर विचार। खाली ग्यान, भक्ति आउ पूजा से मनुष्य के विकास नऽ हो सकऽ हे। पूजा, भक्ति आउ ज्ञान उच्च आउ श्रेष्ठ हे बाकी ऐकर बेवहार में भी परमान देवे पड़ऽ हे। जेकर विचार गंदा हे, ओकरा से सभे लोग घृणा करऽ हथ। जहाँ महौल गंदा हे उहाँ जाय से भी लोग हिचकऽ हे। शरीर गंदा रहला पर निरोगी काया कठिन हे ओइसे ही मन के पवित्तर न रहला पर सज्जन भाव, परेम आउ सद् बेवहार के भाव नऽ उठ सकऽ हे। आचार-विचार के अच्छाई आउ पवित्तर रहे से बेकती (व्यक्ति) के मान-इज्जत होवऽ हे।" निरोगी काया कठिन हे
- Aशरीर के गंदा रहला पर
- Bआलसी रहला पर
- Cगलत संगति से
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q10
गद्यांश–1 "मानव जीवन ला जरूरी हे पवित्तर विचार। खाली ग्यान, भक्ति आउ पूजा से मनुष्य के विकास नऽ हो सकऽ हे। पूजा, भक्ति आउ ज्ञान उच्च आउ श्रेष्ठ हे बाकी ऐकर बेवहार में भी परमान देवे पड़ऽ हे। जेकर विचार गंदा हे, ओकरा से सभे लोग घृणा करऽ हथ। जहाँ महौल गंदा हे उहाँ जाय से भी लोग हिचकऽ हे। शरीर गंदा रहला पर निरोगी काया कठिन हे ओइसे ही मन के पवित्तर न रहला पर सज्जन भाव, परेम आउ सद् बेवहार के भाव नऽ उठ सकऽ हे। आचार-विचार के अच्छाई आउ पवित्तर रहे से बेकती (व्यक्ति) के मान-इज्जत होवऽ हे।" पवित्रता के अभाव में का होवऽ हे?
- Aसज्जन भाव
- Bपरेम भाव मन में न उठत
- Cदुरजन भाव
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q11
गद्यांश–1 "मानव जीवन ला जरूरी हे पवित्तर विचार। खाली ग्यान, भक्ति आउ पूजा से मनुष्य के विकास नऽ हो सकऽ हे। पूजा, भक्ति आउ ज्ञान उच्च आउ श्रेष्ठ हे बाकी ऐकर बेवहार में भी परमान देवे पड़ऽ हे। जेकर विचार गंदा हे, ओकरा से सभे लोग घृणा करऽ हथ। जहाँ महौल गंदा हे उहाँ जाय से भी लोग हिचकऽ हे। शरीर गंदा रहला पर निरोगी काया कठिन हे ओइसे ही मन के पवित्तर न रहला पर सज्जन भाव, परेम आउ सद् बेवहार के भाव नऽ उठ सकऽ हे। आचार-विचार के अच्छाई आउ पवित्तर रहे से बेकती (व्यक्ति) के मान-इज्जत होवऽ हे।" मनुष्य के मान-इज्जत कइसे मिलऽ हे?
- Aअच्छाई
- Bआचार-विचार
- Cपवित्तर रहे
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: D · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q12
गद्यांश–2 "बाणासुर के घर भी एही मगध हे। बरावर पहाड़ उनके नाम से बिख्यात हे, जेकरा पहिले गोरथगिरि कहल जा हल। बरावर पहाड़ के प्रवरगिरि भी कहल गेल हे। मौर्य सम्राट के सेनापति पुष्यमित्र जब मगध के गद्दी पर बइठलन तऽ एही गोरथगिरि में कलिंग के राजा खारबेल चढ़ाई कैलक हल। पुष्यमित्र शुंगवंश के पहिल राजा हलन जे मौर्य सम्राट वृहद्रथ के मार के मगध के सिंहासन पर आरूढ़ होलन। बाणासुर के शोणितपुर भी, आज सोनपुर हे, उहाँ गढ़ के अवशेष हे। बरावर पहाड़ में जे सतघरवा के गुफा हे, ऊ असल में लोमश ऋषि के गुफा हे। अशोक सम्राट के समय में आजीवक सम्प्रदाय के साधु-संत लोग रहऽ हलन। बरावर पहाड़ के बगले में नागार्जुन पहाड़ हे जेकरा आजकल 'नगरजुन्नि' कहल जा हे।" नागार्जुन पहाड़ कहाँ हे?
- Aराजगीर
- Bबरावर पहाड़ के बगल में
- Cशोणितपुर
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q13
गद्यांश–2 "बाणासुर के घर भी एही मगध हे। बरावर पहाड़ उनके नाम से बिख्यात हे, जेकरा पहिले गोरथगिरि कहल जा हल। बरावर पहाड़ के प्रवरगिरि भी कहल गेल हे। मौर्य सम्राट के सेनापति पुष्यमित्र जब मगध के गद्दी पर बइठलन तऽ एही गोरथगिरि में कलिंग के राजा खारबेल चढ़ाई कैलक हल। पुष्यमित्र शुंगवंश के पहिल राजा हलन जे मौर्य सम्राट वृहद्रथ के मार के मगध के सिंहासन पर आरूढ़ होलन। बाणासुर के शोणितपुर भी, आज सोनपुर हे, उहाँ गढ़ के अवशेष हे। बरावर पहाड़ में जे सतघरवा के गुफा हे, ऊ असल में लोमश ऋषि के गुफा हे। अशोक सम्राट के समय में आजीवक सम्प्रदाय के साधु-संत लोग रहऽ हलन। बरावर पहाड़ के बगले में नागार्जुन पहाड़ हे जेकरा आजकल 'नगरजुन्नि' कहल जा हे।" मौर्य सम्राट के मार के मगध के सिंहासन पर बइठलन
- Aवृहद्रथ
- Bबाणासुर
- Cपुष्यमित्र
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q14
गद्यांश–2 "बाणासुर के घर भी एही मगध हे। बरावर पहाड़ उनके नाम से बिख्यात हे, जेकरा पहिले गोरथगिरि कहल जा हल। बरावर पहाड़ के प्रवरगिरि भी कहल गेल हे। मौर्य सम्राट के सेनापति पुष्यमित्र जब मगध के गद्दी पर बइठलन तऽ एही गोरथगिरि में कलिंग के राजा खारबेल चढ़ाई कैलक हल। पुष्यमित्र शुंगवंश के पहिल राजा हलन जे मौर्य सम्राट वृहद्रथ के मार के मगध के सिंहासन पर आरूढ़ होलन। बाणासुर के शोणितपुर भी, आज सोनपुर हे, उहाँ गढ़ के अवशेष हे। बरावर पहाड़ में जे सतघरवा के गुफा हे, ऊ असल में लोमश ऋषि के गुफा हे। अशोक सम्राट के समय में आजीवक सम्प्रदाय के साधु-संत लोग रहऽ हलन। बरावर पहाड़ के बगले में नागार्जुन पहाड़ हे जेकरा आजकल 'नगरजुन्नि' कहल जा हे।" मौर्य सम्राट के सेनापति के नाम का हल?
- Aपुष्यमित्र
- Bखारबेल
- Cगोरख
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q15
गद्यांश–2 "बाणासुर के घर भी एही मगध हे। बरावर पहाड़ उनके नाम से बिख्यात हे, जेकरा पहिले गोरथगिरि कहल जा हल। बरावर पहाड़ के प्रवरगिरि भी कहल गेल हे। मौर्य सम्राट के सेनापति पुष्यमित्र जब मगध के गद्दी पर बइठलन तऽ एही गोरथगिरि में कलिंग के राजा खारबेल चढ़ाई कैलक हल। पुष्यमित्र शुंगवंश के पहिल राजा हलन जे मौर्य सम्राट वृहद्रथ के मार के मगध के सिंहासन पर आरूढ़ होलन। बाणासुर के शोणितपुर भी, आज सोनपुर हे, उहाँ गढ़ के अवशेष हे। बरावर पहाड़ में जे सतघरवा के गुफा हे, ऊ असल में लोमश ऋषि के गुफा हे। अशोक सम्राट के समय में आजीवक सम्प्रदाय के साधु-संत लोग रहऽ हलन। बरावर पहाड़ के बगले में नागार्जुन पहाड़ हे जेकरा आजकल 'नगरजुन्नि' कहल जा हे।" सतघरवा कउन ऋषि के गुफा हे?
- Aनागार्जुन
- Bलोमश
- Cशुंग
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q16
गद्यांश–2 "बाणासुर के घर भी एही मगध हे। बरावर पहाड़ उनके नाम से बिख्यात हे, जेकरा पहिले गोरथगिरि कहल जा हल। बरावर पहाड़ के प्रवरगिरि भी कहल गेल हे। मौर्य सम्राट के सेनापति पुष्यमित्र जब मगध के गद्दी पर बइठलन तऽ एही गोरथगिरि में कलिंग के राजा खारबेल चढ़ाई कैलक हल। पुष्यमित्र शुंगवंश के पहिल राजा हलन जे मौर्य सम्राट वृहद्रथ के मार के मगध के सिंहासन पर आरूढ़ होलन। बाणासुर के शोणितपुर भी, आज सोनपुर हे, उहाँ गढ़ के अवशेष हे। बरावर पहाड़ में जे सतघरवा के गुफा हे, ऊ असल में लोमश ऋषि के गुफा हे। अशोक सम्राट के समय में आजीवक सम्प्रदाय के साधु-संत लोग रहऽ हलन। बरावर पहाड़ के बगले में नागार्जुन पहाड़ हे जेकरा आजकल 'नगरजुन्नि' कहल जा हे।" बरावर पहाड़ के पहिले का नाम हल?
- Aगोरथगिरि
- Bप्रवरगिरि
- Cराजगृह
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q17
गद्यांश–3 "पाणिनि तऽ भाषा के महान पंडित हलन बाकि पाटलि (पटना) में आके वररुचि से व्याकरण के ग्यान पयलन हेल। एकरा से बोध होवऽ हे कि ऊ जमाना में वररुचि मगध में एगो महान शिक्षाशास्त्री हलन। भाषा जीवन के अइसन लत हे कि जेकरा बिना परानी के जिनगी कबहियो सफल हो ही नऽ सकऽ हे। भाषा के बिना आदमी गूंगा के समान हे। माय के पेट से जनमल लइका जउन सबद सुनऽ हे ओकर जनम भर न मिटऽ हे। भाषा के साथ आदमी के रिस्ता जनम-मरण के हे। ऐही मातृभाषा हे। ऐही लोकभाषा हे। ई तो प्राकृत हे, केकरो गढ़ल नऽ हे। मगही भाषा मिठगर आउ मरम के छुए वाला हे। हरेक आदमी के अपन भाषा मधुर आउ प्रिय लगऽ हे। बेकती के अपन मातृभाषा से बहुत लगाव होवऽ हे। ऊ अपन भाषा के आदर भी बेसी करऽ हे। अइसे कोई भाषा निमन आउ खराव न होवऽ हे। बाकि कोई भाषा के परयोग नऽ होवे से ऊ मर जाहे, मिट जाहे।" वररुचि कहाँ के हलन?
- Aपाटलि (पटना)
- Bबोधगया
- Cतरेगना
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q18
गद्यांश–3 "पाणिनि तऽ भाषा के महान पंडित हलन बाकि पाटलि (पटना) में आके वररुचि से व्याकरण के ग्यान पयलन हेल। एकरा से बोध होवऽ हे कि ऊ जमाना में वररुचि मगध में एगो महान शिक्षाशास्त्री हलन। भाषा जीवन के अइसन लत हे कि जेकरा बिना परानी के जिनगी कबहियो सफल हो ही नऽ सकऽ हे। भाषा के बिना आदमी गूंगा के समान हे। माय के पेट से जनमल लइका जउन सबद सुनऽ हे ओकर जनम भर न मिटऽ हे। भाषा के साथ आदमी के रिस्ता जनम-मरण के हे। ऐही मातृभाषा हे। ऐही लोकभाषा हे। ई तो प्राकृत हे, केकरो गढ़ल नऽ हे। मगही भाषा मिठगर आउ मरम के छुए वाला हे। हरेक आदमी के अपन भाषा मधुर आउ प्रिय लगऽ हे। बेकती के अपन मातृभाषा से बहुत लगाव होवऽ हे। ऊ अपन भाषा के आदर भी बेसी करऽ हे। अइसे कोई भाषा निमन आउ खराव न होवऽ हे। बाकि कोई भाषा के परयोग नऽ होवे से ऊ मर जाहे, मिट जाहे।" वररुचि ऊ जमाना में का हलन?
- Aज्योतिषाचार्य
- Bपंडित
- Cमहान शिक्षाशास्त्री
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q19
गद्यांश–3 "पाणिनि तऽ भाषा के महान पंडित हलन बाकि पाटलि (पटना) में आके वररुचि से व्याकरण के ग्यान पयलन हेल। एकरा से बोध होवऽ हे कि ऊ जमाना में वररुचि मगध में एगो महान शिक्षाशास्त्री हलन। भाषा जीवन के अइसन लत हे कि जेकरा बिना परानी के जिनगी कबहियो सफल हो ही नऽ सकऽ हे। भाषा के बिना आदमी गूंगा के समान हे। माय के पेट से जनमल लइका जउन सबद सुनऽ हे ओकर जनम भर न मिटऽ हे। भाषा के साथ आदमी के रिस्ता जनम-मरण के हे। ऐही मातृभाषा हे। ऐही लोकभाषा हे। ई तो प्राकृत हे, केकरो गढ़ल नऽ हे। मगही भाषा मिठगर आउ मरम के छुए वाला हे। हरेक आदमी के अपन भाषा मधुर आउ प्रिय लगऽ हे। बेकती के अपन मातृभाषा से बहुत लगाव होवऽ हे। ऊ अपन भाषा के आदर भी बेसी करऽ हे। अइसे कोई भाषा निमन आउ खराव न होवऽ हे। बाकि कोई भाषा के परयोग नऽ होवे से ऊ मर जाहे, मिट जाहे।" भाषा के साथ आदमी के रिस्ता कइसन हे?
- Aजनम-मरण के
- Bमाय के
- Cगुरु के
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q20
गद्यांश–3 "पाणिनि तऽ भाषा के महान पंडित हलन बाकि पाटलि (पटना) में आके वररुचि से व्याकरण के ग्यान पयलन हेल। एकरा से बोध होवऽ हे कि ऊ जमाना में वररुचि मगध में एगो महान शिक्षाशास्त्री हलन। भाषा जीवन के अइसन लत हे कि जेकरा बिना परानी के जिनगी कबहियो सफल हो ही नऽ सकऽ हे। भाषा के बिना आदमी गूंगा के समान हे। माय के पेट से जनमल लइका जउन सबद सुनऽ हे ओकर जनम भर न मिटऽ हे। भाषा के साथ आदमी के रिस्ता जनम-मरण के हे। ऐही मातृभाषा हे। ऐही लोकभाषा हे। ई तो प्राकृत हे, केकरो गढ़ल नऽ हे। मगही भाषा मिठगर आउ मरम के छुए वाला हे। हरेक आदमी के अपन भाषा मधुर आउ प्रिय लगऽ हे। बेकती के अपन मातृभाषा से बहुत लगाव होवऽ हे। ऊ अपन भाषा के आदर भी बेसी करऽ हे। अइसे कोई भाषा निमन आउ खराव न होवऽ हे। बाकि कोई भाषा के परयोग नऽ होवे से ऊ मर जाहे, मिट जाहे।" मातृभाषा के कउन गढ़लन?
- Aभगवान
- Bई तो प्राकृत हे
- Cसमाज
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q21
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" केकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन?
- Aसुनयनी
- Bसुलोचनी
- Cमृगनयनी
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q22
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" घर-परिवार में पहले से बंड कवन हलन?
- Aझूलन दा
- Bबतूलन दा
- Cरसूलन दा
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q23
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" बुढ़ारी में सादी कउन कर लेलन?
- Aझुम्मन दा
- Bझूलन दा
- Cरूपम दा
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q24
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" सादी के बाद केकर कान खड़ा हो गेल?
- Aचच्चा के
- Bबहिन के
- Cबाबू जी के
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: E · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q25
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" दस कट्ठा जमीन के धँसका देलक
- Aझूलन दा के चाचा
- Bझूलन दा के पिता
- Cझूलन दा
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q26
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" गद्यांश में गुलाब के पंखुड़ी केकरा कहल गेल हे?
- Aमृगनयनी
- Bसुनयनी
- Cसुलोचनी
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q27
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" मृगनयनी के कोर्स समाप्त कहाँ भेल?
- Aपटना
- Bमुंबई
- Cदिल्ली
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q28
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" साहित्य सेवा से संन्यास कौन ले लेलन?
- Aझूलन दा के भाई
- Bझूलन दा के बाबूजी
- Cझूलन दा के चाचा
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: E · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q29
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" "दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" इस कथन का अर्थ हे
- Aपास में बहुते सारा अनाज हे
- Bपास में बहुते सारा कपड़ा हे
- Cपास में बहुते सारा रुपया हे
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q30
गद्यांश–4 "जब मृगनयनी अपन उड़ान भरे के इच्छा जतैलक, त झूलन दा अपन पहुँच के इस्तेमाल करइत ओकर नाम नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में लिखवा देलन। झूलन दा ई भली भाँति समझइत हलन कि हम मृगनयनी के इच्छा जेतने पूरती करब, ऊ भी ओतने हमरा खुस रखत। चूँकि पहिले से त झूलन दा अपन घर-परिवार में बंड हइए हलन। एही से पटना में उनकर भाई मकान बनैलन जरूर हल, प उनके नाम ई सोच के कर देलन हल कि इनका खुस रखब, तब ना कल इनकर हिस्सा के हमनी सुख भोग करब। आउ इनका मरला के बाद आखिर इहो मकान त हमनिये के हो जायत। बाकी झूलन दा जइसहीं बुढ़ारी में सादी कर लेलन, ओइसहीं भाई-भतीजा के कान खड़ा हो गेल। ओहनी हिस्सा बखरा के मामले में सतर्क हो गेलन आउ बेदखल करे के सतरंजी चाल में लग गेलन। एकर बावजूद झूलन दा दस कट्ठा जमीन धँसका ही देलन हल। फिर का हल! बुढ़ारी में गुलाब के पंखुड़ी से भेंट भेल हल। ओकरा सामने भला इनका साहित्य सेवा सोहायत हल? साहित्य सेवा से संन्यास ले के दिल्ली प्रवास प चल गेलन हल। जब तक मृगनयनी के कोर्स समाप्त न भेल गेल हल, तब तक झूलन दा दिल्ली में ही जमल रहलन भेल। जमथ भी काहे न, दस कट्ठा जमीन के गरमी भी तो हलइन।" झूलन दा के साहित्य सेवा काहे छूट गेल?
- Aमृगनयनी के सम्पर्क में अइला से
- Bमृगनयनी के बाबूजी के सम्पर्क में अइला से
- Cमृगनयनी के भैया के सम्पर्क में अइला से
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q31
ध्वनि के मेल से बनल सार्थक वर्ण समुदाय के का कहल जा हे?
- Aशब्द
- Bअच्छर
- Cसंधि
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Grammar & Linguistic Structure
Why this answer? Read the explanation → - Q32
मगही शब्द हे
- Aतत्सम
- Bविदेसज
- Cतद्भव
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Grammar & Linguistic Structure
Why this answer? Read the explanation → - Q33
'च' के उच्चारण कहाँ से होवऽ हे?
- Aओठ
- Bदाँत
- Cतालु
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Grammar & Linguistic Structure
Why this answer? Read the explanation → - Q34
माता के पास पत्र लिखे में कौन-सा सम्बोधन सही होतै?
- Aप्रिय माता जी
- Bपूजनीय माता जी
- Cपूजनीया माता जी
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q35
पिताजी के पास पत्र लिखे में कौन-सा सम्बोधन सही होतै?
- Aपूज्य पिताजी
- Bपूज्यवर पिताजी
- Cप्रिय पिताजी
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: D · Prose, Drama & Fiction
Why this answer? Read the explanation → - Q36
ओरखन देना
- Aउलाहना देना
- Bगाली देना
- Cधमकी देना
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Grammar & Linguistic Structure
Why this answer? Read the explanation → - Q37
उल्लू के पट्ठा होना
- Aमूर्ख होना
- Bचालाक होना
- Cचतुर होना
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Grammar & Linguistic Structure
Why this answer? Read the explanation → - Q38
निर्देश: रेखांकित शब्द के उचित (समानार्थी) शब्द चुनीं। तीता वचन न बोलिये। (रेखांकित शब्द: तीता)
- Aमधुर
- Bमीठा
- Cरसगर
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: E · Grammar & Linguistic Structure
Why this answer? Read the explanation → - Q39
निर्देश: रेखांकित शब्द के उचित (समानार्थी) शब्द चुनीं। सुराज मिलल बाकी पूरा न होयल। (रेखांकित शब्द: सुराज)
- Aराजपाठ
- Bस्वराज
- Cकुराज
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · Grammar & Linguistic Structure
Why this answer? Read the explanation → - Q40
निर्देश: रेखांकित शब्द के उचित (समानार्थी) शब्द चुनीं। रमेश सबके भला चाहे हे। (रेखांकित शब्द: भला)
- Aखराब
- Bअच्छा
- Cबुरा
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · Grammar & Linguistic Structure
Why this answer? Read the explanation → - Q41
निर्देश: रेखांकित शब्द के उचित (समानार्थी) शब्द चुनीं। मनोहर भारी सामान के भी आसानी से उठा लेहे। (रेखांकित शब्द: भारी)
- Aवजनी
- Bकीमती
- Cकम
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Grammar & Linguistic Structure
Why this answer? Read the explanation → - Q42
'दोहा' के उलटा कउन छंद होवऽ हे?
- Aचौपाई
- Bरोला
- Cसोरठा
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Magahi Poetry & Poets
Why this answer? Read the explanation → - Q43
काव्य में अइसन सबद के परयोग होय जेकर दू, तीन अर्थ रहे, ओकरा में कौन अलंकार मानल जाहे?
- Aअनुप्रास
- Bउपमा
- Cश्लेष
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Magahi Poetry & Poets
Why this answer? Read the explanation → - Q44
उपमा अलंकार के अंग होवऽ हे
- Aआठ गो
- Bदस गो
- Cचार गो
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · Magahi Poetry & Poets
Why this answer? Read the explanation → - Q45
गण के सम्बन्ध हे
- Aछन्द से
- Bअलंकार से
- Cशब्द शक्ति से
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · Magahi Poetry & Poets
Why this answer? Read the explanation →
Want to know why each answer is right?
Explanations for every question, a timed run of this paper with your rank against other aspirants, and wrong answers that come back on a 1/3/7-day revision schedule — all inside LearnInShort.
Start free →Questions transcribed from official BPSC papers and verified against the published answer key. Reproduced for educational use.