BPSC TRE-3 Middle Hindi Language — Question Paper with Answers
All 43 questions from this paper, with the correct answer marked. Free to read — no sign-up. Transcribed in English, Hindi and Urdu and verified against the official BPSC answer key.
- Q1
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है। इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है। उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है। विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है। वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है। उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता। विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है। धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े–बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है। उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं। वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं। इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है। किस अर्थ में आदर्श व्यक्ति का चरित्र प्रशंसनीय होता है?
- Aवह ज्ञान से संकट को दूर करता है
- Bवह धैर्य से संकट को दूर करता है
- Cवह बहादुरी से संकटों का सामना करता है
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q2
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है। इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है। उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है। विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है। वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है। उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता। विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है। धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े–बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है। उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं। वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं। इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है। आदर्श व्यक्ति के जीवन में किसके लिए स्थान नहीं होता?
- Aमनोविनोद के लिए
- Bविश्राम के लिए
- Cआलस्य के लिए
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q3
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है। इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है। उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है। विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है। वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है। उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता। विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है। धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े–बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है। उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं। वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं। इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है। प्रस्तुत गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
- Aसद्कर्म
- Bकर्मशीलता
- Cआदर्श व्यक्ति
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q4
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है। इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है। उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है। विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है। वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है। उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता। विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है। धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े–बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है। उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं। वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं। इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है। लोग आश्चर्यविमूढ़ क्यों होते हैं?
- Aआदर्श व्यक्ति का साहस देखकर
- Bआदर्श व्यक्ति का ज्ञान देखकर
- Cआदर्श व्यक्ति की कार्यकुशलता देखकर
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q5
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 आदर्श व्यक्ति सद्कर्मों में आस्था रखता है। इसी में वह अपने जीवन की सार्थकता समझता है। उसके जीवन का प्रत्येक क्षण सद्कर्म में ही व्यतीत होता है। विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है। वह शेष समय समाज के उत्थान में लगाता है। उसके जीवन में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होता। विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है। धैर्यरूपी कुदाल से वह बड़े–बड़े संकटरूपी पर्वतों को निर्मूल कर देता है। उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग आश्चर्यविमूढ़ हो जाते हैं। वह परिस्थितियों का दास नहीं होता, परिस्थितियाँ उसकी दासी होती हैं। इस अर्थ में उसका चरित्र प्रशंसनीय होता है कि वह धैर्य से अपने सारे संकट दूर करता है। आदर्श व्यक्ति किसमें आस्था रखता है?
- Aसद्व्यवहार में
- Bसद्कर्म में
- Cप्रेम में
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q6
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक–दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं। वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो। चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है। आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है। इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है। व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है। यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है। चरित्र की रक्षा का अर्थ है – काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना। स्वास्थ्य का सहोदर है
- Aऔषधि
- Bपौष्टिक भोजन
- Cव्यायाम
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q7
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक–दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं। वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो। चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है। आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है। इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है। व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है। यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है। चरित्र की रक्षा का अर्थ है – काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना। स्वस्थ व्यक्ति का लक्षण है
- Aआत्मसंयम
- Bअपार संपदा
- Cअत्यधिक बल
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q8
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक–दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं। वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो। चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है। आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है। इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है। व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है। यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है। चरित्र की रक्षा का अर्थ है – काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना। किसी व्यक्ति का विकास किस पर आश्रित है?
- Aसमुचित अध्ययन
- Bसत्संगति
- Cआत्मसंयम
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q9
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक–दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं। वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो। चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है। आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है। इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है। व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है। यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है। चरित्र की रक्षा का अर्थ है – काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना। व्यक्ति के पतन का कारण है
- Aअत्यधिक शक्ति
- Bचारित्रिक दोष
- Cअत्यधिक विभूति
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q10
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 स्वास्थ्य और चरित्र एक–दूसरे से घनिष्ठता के साथ जुड़े होते हैं। वही व्यक्ति स्वस्थ होता है जिसके चरित्र में आत्मसंयम हो। चारित्रिक दूषण व्यक्ति के पतन का कारण होता है। आत्मसंयम को चरित्र की सीढ़ी कहा गया है। इसी सीढ़ी के माध्यम से कोई व्यक्ति उत्तरोत्तर विकास की यात्रा तय करता है। व्यायाम को स्वास्थ्य का सहोदर कहा गया है। यही किसी व्यक्ति की काया और चित्त को निर्मल और नीरुज (रोगरहित) बनाता है। चरित्र की रक्षा का अर्थ है – काया और चित्त को विभिन्न दूषणों से मुक्त करना। विभिन्न दूषणों से मुक्त होने का अर्थ है
- Aचरित्र की रक्षा
- Bपरिवार की रक्षा
- Cधन की रक्षा
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q11
शुद्ध वाक्य है
- Aवह ने ही कहा है।
- Bताजा गाय का दूध पीना चाहिए।
- Cवह किताब लाया।
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · वाक्य संरचना
Why this answer? Read the explanation → - Q12
'श्यामसुंदर' में समास है
- Aकर्मधारय
- Bतत्पुरुष
- Cद्विगु
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q13
भाववाचक संज्ञा है
- Aअरविंद
- Bयौवन
- Cबुढ़ापा
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: D · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q14
शुद्ध शब्द है
- Aअनाधिकार
- Bअनधिकार
- Cअनधीकार
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · शब्द भंडार
Why this answer? Read the explanation → - Q15
'शिव' का पर्याय है
- Aनिर्जर
- Bशशिशेखर
- Cकंदर्प
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · शब्द भंडार
Why this answer? Read the explanation → - Q16
'अनुराग' में कौन–सा उपसर्ग है ?
- Aअ
- Bअनु
- Cअन
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q17
'अत्यधिक' शब्द में कौन–सी संधि है ?
- Aविसर्ग संधि
- Bस्वर संधि
- Cव्यंजन संधि
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q18
'अंगूठा दिखाना' मुहावरे का अर्थ है
- Aअन्याय करना
- Bबेइज्जत करना
- Cसमय पर धोखा देना
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · मुहावरे एवं वाक्यांश
Why this answer? Read the explanation → - Q19
'सम्मुख' का विपरीतार्थक है
- Aविमुख
- Bसुमुख
- Cदुर्मुख
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · शब्द भंडार
Why this answer? Read the explanation → - Q20
विशेषण है
- Aजीवंत
- Bजीवंतता
- Cजीवनी
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q21
तत्सम शब्द है
- Aमुल्क
- Bदवा
- Cप्रकृति
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · शब्द भंडार
Why this answer? Read the explanation → - Q22
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 महादेवी वर्मा की पीड़ा मीराबाई की ऐकांतिक पीड़ा नहीं है, बल्कि उनकी पीड़ा शताब्दियों से समाज के निर्मम प्रतिबंधों में जकड़ी हुई नारी जाति की पीड़ा है। महादेवी का साहित्य रचनात्मक करूणा के भाव से भरा हुआ है। उनके व्यावहारिक जीवन की रचनात्मक करूणा से उनके काव्य को अलग नहीं किया जा सकता है। उनकी वेदना को उस करूणा के साथ जोड़ना होगा जो नारियों की परवशता, शोषितों की विवशता और दलितों की असहायावस्था पर फूट पड़ती है। महादेवी की पीड़ा व्यक्ति की संकीर्ण सीमा से निकलकर समाज की विस्तृत सीमा पर छाई हुई है। महादेवी वर्मा की विशेषता यह है कि छायावाद ने व्यक्ति और समाज की जिस व्यापक असंतोष भावना को अभिव्यक्ति दी उसमें उन्होंने भारतीय नारी के असंतोष, निराशा और आकांक्षा का स्वर भी जोड़ दिया। महादेवी वर्मा की पीड़ा कैसी है?
- Aवह ऐकांतिक पीड़ा नहीं है
- Bवह समाज के निर्मम प्रतिबंधों में जकड़ी नारी जाति की पीड़ा है
- Cमहादेवी की पीड़ा मीराबाई की तरह है
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: D · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q23
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 महादेवी वर्मा की पीड़ा मीराबाई की ऐकांतिक पीड़ा नहीं है, बल्कि उनकी पीड़ा शताब्दियों से समाज के निर्मम प्रतिबंधों में जकड़ी हुई नारी जाति की पीड़ा है। महादेवी का साहित्य रचनात्मक करूणा के भाव से भरा हुआ है। उनके व्यावहारिक जीवन की रचनात्मक करूणा से उनके काव्य को अलग नहीं किया जा सकता है। उनकी वेदना को उस करूणा के साथ जोड़ना होगा जो नारियों की परवशता, शोषितों की विवशता और दलितों की असहायावस्था पर फूट पड़ती है। महादेवी की पीड़ा व्यक्ति की संकीर्ण सीमा से निकलकर समाज की विस्तृत सीमा पर छाई हुई है। महादेवी वर्मा की विशेषता यह है कि छायावाद ने व्यक्ति और समाज की जिस व्यापक असंतोष भावना को अभिव्यक्ति दी उसमें उन्होंने भारतीय नारी के असंतोष, निराशा और आकांक्षा का स्वर भी जोड़ दिया। महादेवी वर्मा का साहित्य कैसा है?
- Aरचनात्मक करूणा के भाव से भरपूर
- Bश्रृंगार वर्णन से भरपूर
- Cसमाज के प्रति अनुदार
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q24
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 महादेवी वर्मा की पीड़ा मीराबाई की ऐकांतिक पीड़ा नहीं है, बल्कि उनकी पीड़ा शताब्दियों से समाज के निर्मम प्रतिबंधों में जकड़ी हुई नारी जाति की पीड़ा है। महादेवी का साहित्य रचनात्मक करूणा के भाव से भरा हुआ है। उनके व्यावहारिक जीवन की रचनात्मक करूणा से उनके काव्य को अलग नहीं किया जा सकता है। उनकी वेदना को उस करूणा के साथ जोड़ना होगा जो नारियों की परवशता, शोषितों की विवशता और दलितों की असहायावस्था पर फूट पड़ती है। महादेवी की पीड़ा व्यक्ति की संकीर्ण सीमा से निकलकर समाज की विस्तृत सीमा पर छाई हुई है। महादेवी वर्मा की विशेषता यह है कि छायावाद ने व्यक्ति और समाज की जिस व्यापक असंतोष भावना को अभिव्यक्ति दी उसमें उन्होंने भारतीय नारी के असंतोष, निराशा और आकांक्षा का स्वर भी जोड़ दिया। उनके काव्य को किससे अलग नहीं किया जा सकता?
- Aउनके निजी जीवन के अनुभव से
- Bउनके जीवन संगीत से
- Cउनके व्यावहारिक जीवन की रचनात्मक करूणा से
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
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Correct answer: C · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q25
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 महादेवी वर्मा की पीड़ा मीराबाई की ऐकांतिक पीड़ा नहीं है, बल्कि उनकी पीड़ा शताब्दियों से समाज के निर्मम प्रतिबंधों में जकड़ी हुई नारी जाति की पीड़ा है। महादेवी का साहित्य रचनात्मक करूणा के भाव से भरा हुआ है। उनके व्यावहारिक जीवन की रचनात्मक करूणा से उनके काव्य को अलग नहीं किया जा सकता है। उनकी वेदना को उस करूणा के साथ जोड़ना होगा जो नारियों की परवशता, शोषितों की विवशता और दलितों की असहायावस्था पर फूट पड़ती है। महादेवी की पीड़ा व्यक्ति की संकीर्ण सीमा से निकलकर समाज की विस्तृत सीमा पर छाई हुई है। महादेवी वर्मा की विशेषता यह है कि छायावाद ने व्यक्ति और समाज की जिस व्यापक असंतोष भावना को अभिव्यक्ति दी उसमें उन्होंने भारतीय नारी के असंतोष, निराशा और आकांक्षा का स्वर भी जोड़ दिया। हमें उनकी वेदना को क्या करना होगा?
- Aनारियों की परवशता से उत्पन्न करूणा से जोड़ना होगा
- Bशोषितों की विवशता से उत्पन्न करूणा से जोड़ना होगा
- Cदलितों की असहायावस्था से फूटी करूणा से जोड़ना होगा
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
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Correct answer: D · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q26
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 1 महादेवी वर्मा की पीड़ा मीराबाई की ऐकांतिक पीड़ा नहीं है, बल्कि उनकी पीड़ा शताब्दियों से समाज के निर्मम प्रतिबंधों में जकड़ी हुई नारी जाति की पीड़ा है। महादेवी का साहित्य रचनात्मक करूणा के भाव से भरा हुआ है। उनके व्यावहारिक जीवन की रचनात्मक करूणा से उनके काव्य को अलग नहीं किया जा सकता है। उनकी वेदना को उस करूणा के साथ जोड़ना होगा जो नारियों की परवशता, शोषितों की विवशता और दलितों की असहायावस्था पर फूट पड़ती है। महादेवी की पीड़ा व्यक्ति की संकीर्ण सीमा से निकलकर समाज की विस्तृत सीमा पर छाई हुई है। महादेवी वर्मा की विशेषता यह है कि छायावाद ने व्यक्ति और समाज की जिस व्यापक असंतोष भावना को अभिव्यक्ति दी उसमें उन्होंने भारतीय नारी के असंतोष, निराशा और आकांक्षा का स्वर भी जोड़ दिया। महादेवी वर्मा की विशेषता क्या है?
- Aप्रकृति चित्रण
- Bवात्सल्य–वर्णन
- Cनारी का सौन्दर्य वर्णन
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: E · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q27
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 इस संसार में धन ही सब कुछ नहीं है। धन की पूजा तो बहुत कम जगहों में होती देखी गई है। संसार का इतिहास उठाकर देखिए और उदाहरण ढूँढ़–ढूँढ़कर सामने रखिए, तो हमें पता चल जायगा कि जिनकी हम उपासना करते हैं, जिनके लिए हम आँखें बिछाए रहते हैं, जिनके स्मारक बनाते हैं, उन लोगों ने कभी भी रूपया कमाने में अपना समय नहीं बिताया। उनके द्वारा किए गए कार्यों का मूल्य रूपये के मूल्य से अधिक है। जिन लोगों के जीवन का उद्देश्य सिर्फ रूपये बटोरना है, उनकी प्रतिष्ठा कम हुई है। लोगों ने उनकी अनदेखी की है। मानव समाज स्वार्थी अवश्य है, पर वह स्वार्थ की उपासना करना नहीं जानता। संसार में कैसे लोगों की पूजा होती है?
- Aजिन लोगों ने रूपया कमाने में अपना समय नहीं बिताया।
- Bजिन लोगों ने धन कमाने में अपना समय बिताया
- Cजिनके लिए धन ही सब कुछ है
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q28
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 इस संसार में धन ही सब कुछ नहीं है। धन की पूजा तो बहुत कम जगहों में होती देखी गई है। संसार का इतिहास उठाकर देखिए और उदाहरण ढूँढ़–ढूँढ़कर सामने रखिए, तो हमें पता चल जायगा कि जिनकी हम उपासना करते हैं, जिनके लिए हम आँखें बिछाए रहते हैं, जिनके स्मारक बनाते हैं, उन लोगों ने कभी भी रूपया कमाने में अपना समय नहीं बिताया। उनके द्वारा किए गए कार्यों का मूल्य रूपये के मूल्य से अधिक है। जिन लोगों के जीवन का उद्देश्य सिर्फ रूपये बटोरना है, उनकी प्रतिष्ठा कम हुई है। लोगों ने उनकी अनदेखी की है। मानव समाज स्वार्थी अवश्य है, पर वह स्वार्थ की उपासना करना नहीं जानता। परमार्थी व्यक्तियों के द्वारा किए गए कार्यों का मूल्य किसके मूल्य से अधिक है?
- Aसमय के मूल्य से
- Bरूपये के मूल्य से
- Cकागज के मूल्य से
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q29
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 इस संसार में धन ही सब कुछ नहीं है। धन की पूजा तो बहुत कम जगहों में होती देखी गई है। संसार का इतिहास उठाकर देखिए और उदाहरण ढूँढ़–ढूँढ़कर सामने रखिए, तो हमें पता चल जायगा कि जिनकी हम उपासना करते हैं, जिनके लिए हम आँखें बिछाए रहते हैं, जिनके स्मारक बनाते हैं, उन लोगों ने कभी भी रूपया कमाने में अपना समय नहीं बिताया। उनके द्वारा किए गए कार्यों का मूल्य रूपये के मूल्य से अधिक है। जिन लोगों के जीवन का उद्देश्य सिर्फ रूपये बटोरना है, उनकी प्रतिष्ठा कम हुई है। लोगों ने उनकी अनदेखी की है। मानव समाज स्वार्थी अवश्य है, पर वह स्वार्थ की उपासना करना नहीं जानता। सिर्फ रूपये बटोरने वाले लोगों के जीवन का हाल क्या होता है?
- Aउनकी प्रतिष्ठा बढ़ती है
- Bउनकी पूजा होती है
- Cउनका स्मारक बनाया जाता है
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: E · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q30
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 इस संसार में धन ही सब कुछ नहीं है। धन की पूजा तो बहुत कम जगहों में होती देखी गई है। संसार का इतिहास उठाकर देखिए और उदाहरण ढूँढ़–ढूँढ़कर सामने रखिए, तो हमें पता चल जायगा कि जिनकी हम उपासना करते हैं, जिनके लिए हम आँखें बिछाए रहते हैं, जिनके स्मारक बनाते हैं, उन लोगों ने कभी भी रूपया कमाने में अपना समय नहीं बिताया। उनके द्वारा किए गए कार्यों का मूल्य रूपये के मूल्य से अधिक है। जिन लोगों के जीवन का उद्देश्य सिर्फ रूपये बटोरना है, उनकी प्रतिष्ठा कम हुई है। लोगों ने उनकी अनदेखी की है। मानव समाज स्वार्थी अवश्य है, पर वह स्वार्थ की उपासना करना नहीं जानता। मानव समाज कैसा है?
- Aमानव समाज स्वार्थी है
- Bवह स्वार्थ की उपासना करना नहीं जानता
- Cवह परोपकारी नहीं होता
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: D · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q31
निर्देश : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न का सही विकल्प चुनिए। गद्यांश – 2 इस संसार में धन ही सब कुछ नहीं है। धन की पूजा तो बहुत कम जगहों में होती देखी गई है। संसार का इतिहास उठाकर देखिए और उदाहरण ढूँढ़–ढूँढ़कर सामने रखिए, तो हमें पता चल जायगा कि जिनकी हम उपासना करते हैं, जिनके लिए हम आँखें बिछाए रहते हैं, जिनके स्मारक बनाते हैं, उन लोगों ने कभी भी रूपया कमाने में अपना समय नहीं बिताया। उनके द्वारा किए गए कार्यों का मूल्य रूपये के मूल्य से अधिक है। जिन लोगों के जीवन का उद्देश्य सिर्फ रूपये बटोरना है, उनकी प्रतिष्ठा कम हुई है। लोगों ने उनकी अनदेखी की है। मानव समाज स्वार्थी अवश्य है, पर वह स्वार्थ की उपासना करना नहीं जानता। संसार का इतिहास उठाकर देखने से क्या पता चलता है?
- Aजिनके प्रति हमारी श्रद्धा है, उन्होंने रूपया नहीं कमाया
- Bउनके कार्यों का मूल्य रूपये से अधिक है
- Cऐसे लोगों को हम लोग कभी नहीं भूलते
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: D · बुनियादी समझ
Why this answer? Read the explanation → - Q32
'अतिकाल' में उपसर्ग है –
- Aअप
- Bउप
- Cअति
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q33
'गानेवाला' में प्रत्यय है –
- Aवाला
- Bइया
- Cहार
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q34
'अतिरंजन' शब्द का विशेषण रूप है –
- Aअतिरंजक
- Bअतिरंजनकारी
- Cअतिरंजित
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q35
'चमकना' क्रिया का संज्ञा रूप है –
- Aचमक
- Bचमकीला
- Cचमकीन
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q36
'महावीर' शब्द कौन–सा समास है?
- Aअधिकरण तत्पुरूष
- Bकर्मधारय तत्पुरूष
- Cसम्बंध तत्पुरूष
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q37
'तूती बोलना' मुहावरे का अर्थ है –
- Aशर्मिंदा होना
- Bअपमान जनक बात कहना
- Cप्रभाव जमाना
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · मुहावरे एवं वाक्यांश
Why this answer? Read the explanation → - Q38
'नाच न जाने आँगन टेढ़' का अर्थ है –
- Aकाम न जानना और बहाना बनाना
- Bकिसी जिम्मेदारी का न होना
- Cगुण के विरूद्ध नाम होना
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · मुहावरे एवं वाक्यांश
Why this answer? Read the explanation → - Q39
'तालाब' शब्द कौन–सा लिंग है?
- Aस्त्रीलिंग
- Bपुलिंग
- Cउभय लिंग
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: B · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q40
निम्नलिखित में शुद्ध शब्द है –
- Aसिंदूर
- Bसाम्राज्य
- Cहिरण्यकश्यपु
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: D · शब्द भंडार
Why this answer? Read the explanation → - Q41
हिन्दी में स्वरवर्णों की संख्या है –
- Aआठ
- Bदस
- Cग्यारह
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: C · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q42
'निष्पाप' का संधि: विच्छेद है –
- Aनि: + पाप
- Bनिर् + पाप
- Cनिर + पाप
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: A · व्याकरण
Why this answer? Read the explanation → - Q43
निम्नलिखित में जाति वाचक संज्ञा है –
- Aपुस्तक
- Bकलम
- Cभूकंप
- DMore than one of the aboveउपर्युक्त में से एक से अधिकمذکورہ بالا میں سے ایک سے زیادہ
- ENone of the aboveउपर्युक्त में से कोई नहींمذکورہ بالا میں سے کوئی نہیں
Correct answer: D · व्याकरण
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